हैलो दोस्तों, अजमेर जिले की शानदार कविता जरूर पढ़ें। अजमेर अरावली पहाड़ियों की तलहटी में बसा एक खूबसूरत शहर है। इसे भारत का मक्का, राजस्थान की कुंजी कहते हैं। इस कविता में आपको अजमेर का संपूर्ण इतिहास, भूगोल कला और संस्कृति और पुष्कर, किशनगढ, ब्यावर आदि शहरों के बारे में शानदार कविता है, अब इस कविता को पढ़ते हैं।
मैं हूं अजमेर
30 लाख जनसंख्या मेरी और
8 हजार चार सौ वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल मेरा
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और शेयर कर दीजिए ब्लॉग मेरा
अजयराज ने मेरा निर्माण किया,
अजय-मेरू मेरा नाम दिया
अजय-मेरू किला बनाया
जो तारागढ़ कहलाता हैं,
भारत का मक्का
ये नगर कहलाता है ,
यहां से थोड़ी दूर है पुष्कर पवित्र तीर्थ स्थल,
कहते है मुझको राजस्थान का हृदयस्थल,
अरणोराज ने बनाया यहां अनासागर,
यहां अढ़ाई दिन का झोपड़ा
और वहां फोयसागर,
मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह यहां,
सोनीजी की नसियां और तारागढ़ वहां,
यहां चामुंडा माता और नारेली जैन मंदिर,
थोड़ी दूर है पुष्कर में प्राचीन ब्रह्मा मंदिर,
रत्नागिरी पहाड़ी पर बैठी है माता सावित्री ,
चतुर्मुख ब्रह्मा के बायी ओर मां गायत्री,
जहां पर स्थित है पवित्र पावन पुष्कर झील,
आते ही यहां सबके चेहरे जाते खिल,
दूर दूर से आते लोग
तीर्थराज को पुंजे दुनिया सारी,
सिर्फ देवता ही नहीं
यहां पले है कई क्रांतिकारी
यही पर हैं ब्यावर छावनी और नसीराबाद,
जहां से हुई अट्ठारह सौ सत्तावन क्रांति की शुरुआत,
ब्यावर में निकली बादशाह की सवारी,
किशनगढ़ की बणी-ठणी चित्रकला प्यारी,
मेयो कॉलेज प्रसिद्ध है यहां,
पृथ्वीराज स्मारक भी स्थित हैं यहां,
धर्म के खातिर जो लड़ा
अंतिम हिन्दू सम्राट की राजधानी यहां
जय सम्राट पृथ्वीराज • जय राजस्थान।
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